परमाणु, अणु और आयन | Atoms, molecules, and Ions | Class 9th Science Notes in Hindi

भारतीय दार्शनिक कणाद ( 600 BC ) के मतानुसार-  सभी पदार्थ अत्यंत शूक्ष्म, शाश्रत और अगोचर कणों से बने होते हैं, जिन्हें परमाणु ( Paramanus ) कहते हैं | संस्कृत में परम ( Param ) का अर्थ ” अंतिम ” और अणु ( anu ) का अर्थ ” कण ” होता है | ये परमाणु विभिन्न अनुपात में संयोग करके पदार्थ का निर्माण करते हैं |

ग्रीक दार्शनिक डेमोक्रिट्स ( Democrites ) और लुसीपस ( Leucippus ) ने अंतिम कणों को एटोमोस ( atomos ) कहा, जिसका अर्थ ग्रीक भाषा में अविभाज्य होता है | 

रासायनिक संयोग के नियम ( Laws of Chemical Comberation ) – तत्वों के संयोग से यौगिकों के बनने की प्रक्रियाएँ कुछ नियमों के अनुसार यौगिकों के बनने की प्रक्रियाएँ कुछ निक्षित नियमों के अनुसार होती है, जिन्हें रासायनिक संयोग के नियम कहते हैं | 

  1. पदार्थ की अनश्ररता का नियम – ( The Law of Conservation of matter ) – इस नियम का प्रतिपादन 1774 में लाभ्वाजे ने किया था | इस नियम के अनुसार, रासायनिक अभिक्रियाओं के फलस्वरूप पदार्थों का कुल द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है |

                                   C + O  →  CO2

2. निश्चित अनुपात का नियम ( The Law of Constant Proportions ) – इस नियम का प्रतिपादन 1789 में प्राउस्ट ( Proust ) ने किया था | इनके अनुसार, किसी रासायनिक यौगिक के सभी शुद्ध नमूनों के एक ही प्रकार के तत्व भार के विचार से हमेशा एक निश्चित अनुपात में परस्पर संयुक्त रहते हैं | 

डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की मान्यताएँ ( Assumptions of Dalton’ s atomic theory ) – 

  1. सभी पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों से बने होते हैं जिन्हें परमाणु कहते हैं और वे परमाणु खंडित नहीं किए जा सकते हैं | 
  2. किसी भी रासायनिक प्रक्रिया द्वारा परमाणुओं का न तो निर्माण ही किया जा सकता है और न ही नष्ट |
  3. किसी तत्व के सभी परमाणु समान होते हैं | 
  4. विभिन्न तत्वों के परमाणु विभिन्न आकार, द्रव्यमान, रासायनिक गुण वाले होते हैं | 
  5. रासायनिक संयोग में दो या अधिक तत्वों के परमाणु परस्पर संयोग करके यौगिक बनाते हैं | 
  6. रासायनिक संयोग में विभिन्न तत्वों के परमाणु सरल सांख्यिक अनुपात में संयोग करते हैं | 
  7. एक ही तत्व के परमाणु एक से अधिक अनुपात में दूसरे तत्व के परमाणु के साथ एक से अधिक यौगिक बना सकते हैं | 

डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के दोष ( Defects of Dalton’s Atomic Theory )- 

  1. डाल्टन के अनुसार, परमाणु को खंडित नहीं किया जा सकता है किंतु, अब यह प्रमाणित हो चूका है कि परमाणु को छोटे – छोटे कणों ( इलेक्ट्रॉन, प्रोट्रॉन, न्यूट्रॉन आदि ) में विभाजित किया जा सकता है | 
  2. परमाणु सिद्धांत के अनुसार, एक ही तत्व के सभी तत्व के परमाणु विभिन्न द्रव्यमान वाले भी होते हैं ; सही नहीं है | तत्व के परमाणु विभिन्न द्रव्यमान वले भी होते है , जिन्हें समस्थानिक कहा जाता है | 
  3. परमाणु सिद्वात के अनुसार, विभिन्न तत्वों के परमाणु विभिन्न द्रव्यमान वाले होते हैं, जो सही नहीं है | विभिन्न तत्वों के परमाणु समान द्रव्यमान वाले भी होते हैं जिन्हें समभारिक कहा जाता है |

परमाणु ( Atom ) – किसी तत्व का अंतिम सूक्ष्मतम कण, जो रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग ले सकता है, परमाणु कहलाता है | 

 परमाणु की विशेषताएँ – 

  1. किसी तत्व के सभी परमाणु सदृश होते हैं, किंतु वे अन्य तत्वों के परमाणुओं से भिन्न होते हैं | 
  2. तत्व का प्रत्येक परमाणु तत्व के सभी गुणों को प्रदर्शित करता है | 
  3. परमाणु का व्यास लगभग 10-15 m होता है | 

परमाणुओं और तत्वों के संकेत ( Symbols of Atoms and Elements ) – प्राचीन कीमियागर पारस पत्थर की खोज में संलग्न थे | उनका विश्वास था कि इन पत्थरों की सहायता से किसी धातु को सोना में परिवर्तित किया जा सकता है | इस कार्य की गुप्त रखने के उछेश्य से वे उस समय तक ज्ञात तत्वों को कुछ विशेष संकेतों द्वारा व्यक्त करते थे | 

                           बाद में ,जॉन डाल्टन ने तत्वों का चित्रिय निरूपण किया लेकिन आधुनिक समय में तत्वों का विभिन्न प्रकार के संकेतों द्वारा दर्शाया जाता है | 

इसके लिए कुछ विशेष नियम है –

  1. तत्व के अंग्रेजी नाम का प्रथम अक्षर संकेत के लिए जाता है

जैसे –   

 तत्व     संकेत 
Hydrogen ( हाइड्रोजन )  H
Oxygen ( ऑक्सीजन )        O
Carbon ( कार्बन )   
Sulphar ( सल्फर ) 

2. जो दो या अधिक तत्वों के नाम के प्रथम अक्षर एक ही है, तो ऐसी स्थिति में तत्व के नाम का प्रथम अक्षर और उसके बाद वाले कोई अन्य प्रधान अक्षर को एक साथ मिलाकर तत्व का संकेत दिया जाता है | 

जैसे – 

तत्व  संकेत 
Calcium ( कैल्सियम )  Ca 
Bromine ( ब्रोमीन )  Br 
Calcium ( कैल्सियम ) Ca 

3. कुछ तत्वों के संकेत उनके लैटिन नामों से लिए गए है – 

जैसे –

तत्व  लेंटिन नाम  संकेत 
Sodium ( सोडियम )  Natrium  Na 
Potassium ( पोटैशियम ) Kalium  K  
Iron ( आयरन ) Ferrum  Ca 

संकेत का महत्व – 

  1. संकेत किसी विशेष तत्व का निरूपण करता है | 
  2. यह तत्व के एक परमाणु को व्यक्त करता है | 

अणु ( Molecule ) – यौगिक का सूक्ष्मतम कण अणु कहलाता है | 

अणु की विशेषताएँ – 

  1. किसी विशेष पदार्थ के सभी अणु सदृश होते हैं | 
  2. विभिन्न पदार्थों के अणु भिन्न-भिन्न होते हैं | 
  3. किसी पदार्थ के अणुओं के गुण उस पदार्थ के गुणों का प्रतिनिधित्व करते हैं | 
  4. अणु दो या दो से अधिक परमाणुओं से बना होता है | 
  5. परमाणु एक मजबूत आकर्षण बल द्वारा बंधे रहते हैं , जिसे रासायनिक बंधन कहते हैं | 

तात्विक अणु ( Elementary molecules ) – किसी तत्व के सभी अणु सदृश परमाणुओं के बने होते हैं, इन्ही अणुओं को तात्विक अणु कहते हैं | 

जैसे – H2 – हाइड्रोजन के दो परमाणु 

           Cl2 – क्लोरीन के दो परमाणु 

नोट – कुछ ऐसे भी तत्व है जो मुक्त परमाणु के रूप में पाए जाते हैं | 

जैसे – हीलियम ( He )       निऑन ( Ne )        आर्गन ( Ar ) 

यौगिक के अणु ( Compound molecules ) – किसी यौगिक के अणु में विभिन्न तत्वों के दो या अधिक परमाणु रहते हैं |

जैसे – ग्लूकोज ( C6 H12 O6 ) | C के 6,  H के 12 तथा O के 6 परमाणु है |

परमाणुकता ( Atomicity ) – किसी पदार्थ के एक अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या परमाणुकता कहलाती है | 

जैसे –                                                    

 पदार्थ    परमाणुकता
H2   2
CH4 5
H2O 3

परमाणुकता के आधार पर अणुओं के प्रकार – 

  1. एक परमाणुक अणु ( Monatomic molecules ) – 1 परमाणु वाले एक अणु एक परमाणु अणु कहलाते हैं | जैसे – He, Ne, Ar
  2.  द्विपरमाणुक अणु ( Diatomic molecules ) – 2 परमाणुओं से बने अणु द्विपरमाणुक अणु कहलाते हैं | जैसे – H2 , O2 , N2  
  3. त्रिपरमाणुक अणु ( Triatomic molecules ) – 3 परमाणुओं से बने अणु त्रिपरमाणुक अणु कहलाते हैं, जैसे – H2 O, O3 , CO2
  4. चतुर्ष्थपरमाणुक अणु ( Tetratomic molecules ) – 4 परमाणुओं से बने च्तुर्ष्थपरमाणुक अणु कहलाते हैं | जैसे – NH3 ,  P4 , SO3
  5. बहुपरामणुक अणु ( Polyatomic molecules ) – चार से अधिक परमाणुओं से बने अणु बहुपरमाणुक अणु कहलाते हैं | जैसे – CH4 , C6 H12 O , H2 SO

आयन ( lons ) – जब कोई तत्व अपने बाह्यतम कक्षा के इलेक्ट्रॉन को त्याग या ग्रहण कर अपना अष्टक पूरा करता है तो वह आयन बन जाता है | 

यदि कोई तत्व अपने इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है तो वह धनायन बना जाता है |

यदि कोई तत्व इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है तो वह ॠणायन बन जाता है |

संयोजकता ( Valency ) – तत्व के परमाणु में दूसरे तत्वों के परमाणुओं के साथ संयोग करने की क्षमता, संयोजकता कहलाती है | 

  1. एकबंधक ( Monovalent ) : 1 संयोजकता वाले 
  2. द्विबंधक ( Divalent ): 2 संयोजकता वाले 
  3. त्रिबंधक ( Trivalent ): 4 संयोजकता वाले 
  • नोट – कुछ तत्वों की संयोजकता परिवर्तनशील होती है | जैसे Fe – 2 या 3, Au – 1 या 3 

सूत्र ( Formula ) – किसी भी यौगिक का निष्पण हमेशा उसके अणु के द्वारा होता है और अणु को उसमे उपस्थित परमाणुओं के संकेतों की सहायता से व्यक्त किया जाता है, जिसे सूत्र कहते हैं | 

सूत्र के प्रकार – 

1. सरल या मूलानुपाती सूत्र ( Simple or Empirical Formula ) – किसी यौगिक का वह सूत्र जो उस यौगिक के अणु के उपस्थित तत्वों के परमाणुओं की संख्याओं का सरलतम पारस्परिक अनुपात व्यक्त करता है, सरल सूत्र कहलाता है | 

जैसे – बेंजीन ( C6 H6 ) का सरल सूत्र CH होगा | 

2. अणु सूत्र या रासायनिक सूत्र ( Molecular formula or Chemical formula ) – किसी रासायनिक यौगिक का वह सूत्र जो उस यौगिक के एक अणु में उपस्थित तत्वों के परमाणुओं की वास्तविक संख्या को व्यक्त करता है, उसे यौगिकों का अनुसूत्र कहलाता है | 

जैसे – बेंजीन का अणुसूत्र = C6 H6

सूत्र लिखने की विधि – यौगिक के अणु में उपस्थित तत्वों की संयोजकता को उनके बीच अदल – बदल करके तत्वों के संकेतों के नीचे लिख कर दिखाया जाता है | 

जैसे – 1. CO2  

2. H2 O

 

मूलक ( Radicals ) – परमाणु या परमाणुओं का वह समूह जिसकी एक संयोजकता होती है, और जो रासायनिक अभिक्रियाओं के फलस्वरूप अपना स्वतंत्र अस्तित्व कायम रखते हुए अपरिवर्तित रह जाता है, मूलक कहलाता है |

रासायनिक समीकरण ( Chemical equations ) – किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेनेवाले पदार्थों के संकेतों और सूत्रों का उपयोग करके अभिक्रिया का संक्षिप्त रूप रासायनिक समीकरण कहलाता है | रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग लेनेवाले पदार्थ अभिकारक ( Reactants ) और उनसे निर्मित पदार्थ प्रतिफल ( Products ) कहलाते हैं | 

सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान (Relative atomic mass )– किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान एक संख्या है जो बताती है कि उस तत्व के परमाणु का द्रव्यमान C – 12 परमाणु के द्रव्यमान के 12 वें भाग से कितना गुणा अधिक है | 

सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान =

ग्राम परमाणु द्रव्यमान  ( Gram atomic mass ) – जब तत्व के परमाणु द्रव्यमान को ग्राम में व्यक्त किया जाता है तो वह ग्राम – परमाणु द्रव्यमान कहलाता है |

ग्राम परमाणुओं की संख्या =

सापेक्ष आणविक द्रव्यमान ( Relative molecular mass ) – किसी पदार्थ का आणविक द्रव्यमान एक संख्या है जो बतलाती है कि पदार्थ के एक अणु का द्रव्यमान C – 12 के परमाणु द्रव्यमान के 12 वें भाग से कितना गुणा अधिक है | 

पदार्थ का आणविक द्रव्यमान =

मोल ( Mole ) – मोल किसी पदार्थ की वह मात्रा है जिसमें मूल कणों की संख्या उतनी ही होती है जितनी C -12 के ठीक 12 g में उसके परमाणुओं की संख्या होती है | 

तत्व का 1 मोल = 6.022 x 1023 परमाणु 

यौगिक का 1 मोल = 6. 022 x 1023 अणु 

तत्व के मोलों की संख्या =

यौगिक के मोलों क संख्या =

 

 

 

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