रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण- Bihar Board Class 10th Chemistry Subjective Question-answer 2023

1. रासानिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है ? 

उत्तर – सामान्य: , रासायनिक समीकरण से अभिक्रिया के अभिकारकों एवं उत्पादों की जानकारी मिलाती है | लेकिन ,अभिक्रिया में उत्पाद की एक निश्चित मात्रा के निर्माण के लिए आवश्यक अभिकारकों के द्रव्यमान का सही आकलन संतुलित समीकरण की सहायता से ही संभव है | अतः , समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है | 

  2. एकल वस्थापन अभिक्रिया क्या है ? 

उत्तर – एकल विस्थापन अभिक्रिया वह है जिसमें किसी अणु में उपस्थित परमाणु या परमाणुओं के समूह को किसी दुसरे परमाणु द्वारा विस्थापित कर दिया जाता है | 

   उदाहरण – लोहे के एक टुकड़े को कॉपर (II) सल्फेट के जलीय विलयन में डालने पर लोहा कॉपर सल्फेट से कॉपर ( तम्बा ) को विस्थापित कर देता है | 

                                                      

3. अपघटन ( वियोजन ) अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं ? 

उत्तर – अपघटन या वियोजन वह अभिक्रिया है , जिसमें किसी यौगिक के बड़े अणु के टूटने से दो या अधिक सरल पदार्थ ( तत्त्व या यौगिक ) बनते हैं जिनके गुण मूल यौगिक के गुणों से बिलकुल भिन्न होते हैं | 

उदाहरण-                                                                      

 4. संयोजन अभिक्रिया क्या है ? 

उत्तर – संयोजन वह अभिक्रिया है , जिसमें दो या अधिक पदार्थ ( तत्त्व या यौगिक ) परस्पर संयोग करके बिलकुल भिन्न गुणवाले एक नए पदार्थ का निर्माण करते हैं |                                                                 

5. द्विविस्थापन अभिक्रिय क्या है ? एक उदहारण देकर समझाएँ | 

उत्तर – द्विविस्थापन या उभय – विस्थापन अभिक्रिया वह है जिसमें दो यौगिक अपने आयनों का आदान – प्रदान या विनिमय ( exchange ) करके दो नए यौगिकों का निर्माण करते हैं | 

उदहारण – सोडियम क्लोराइड के विलयन में सिल्वर नाइट्रेट का विलयन डालने पर Ag+और Cl‾  से AgCl के अवक्षेप का निर्माण होता है | Na+और NO‾ की अभिक्रिया से एक अन्य उत्पाद सोडियम नाइट्रेट भी बनता है जो विलयन में ही रहता है | चूँकि इसमें अवक्षेप बनता है , अतः यह अवक्षेपण अभिक्रिया भी कहलाती है |                                                                                                                                                 

6. उपचयन – अपचयन अभिक्रिया क्या है ?                                                                                                                                                                                                                                                              उत्तर – उपचयन – अपचयन अभिक्रिया में उपस्थित उपचायक अपचयित होता है तथा अपचायक उपचयित होता है | अतः उपचयन और अपचयन एक – दुसरे के पूरक होते हैं तथा दोनों अभिक्रियाएँ साथ – साथ होती हैं |                                                                                                                                                                                                                                                                                                 उदाहरण- 

  इस अभिक्रिया में  ZnO अपचयित होकर Zn तथा कार्बन उपचयित होकर CO गैस बनता है | अतः इसे उपचयन – अपचयन अभिक्रिया कहते हैं | 

7. संक्षारण का क्या अर्थ है ? उदाहरण समझाएँ | 

उत्तर – धातुओं का वायुमंडल में उपस्थित वायु , नमी या किसी अन्य पदार्थ के प्रहार द्वारा उनके यौगिकों में क्रमिक एवं धीमा परिवर्तन की प्रक्रिया संक्षारण कहलाती है |                                  उदाहरण – लोहे में जंग लगना                                                                                                                                                                                                                                                                                                                               

लोहा पर जंग जलयुक्त फेरिक ऑक्साइड ( Fe2O3. xHO )  बनने के कारण होता है | 

8. चिप्स की थैली में कौन – सी गैस भरी होती है , और क्यों ? 

उत्तर – हम जानते हैं कि विकृतगंधिता के कारण तैलीय खाघ पदार्थ कुछ समय के पश्चात विकृतगंधी हो जाते हैं | खाघ पदार्थो के विकृतगंधी होने की क्रिया ऑक्सीजन की उपस्थिति के कारण होती है | ऑक्सीजन की अपेक्षा नाइट्रोजन कम सक्रीय गैस है | अतः चिप्स की थैली में अल्प सक्रीय नाइट्रोजन गैस भरी होती है | यह गैस चिप्स को उपचयित होने से रोकती है | फलत: चिप्स का स्वाद ताजा और दुर्गधरहित बना रहता है |

  9. रासायनिक समीकरण क्या हैं ? एक उदाहरण देकर समझाएँ  |

उतर – जब कोई पदार्थ अकेले या किसी अल्प पदार्थ के साथ क्रिया करके एक या अधिक भिन्न गुणवाले नये पदार्थो का निर्माण करते हैं तो उस क्रिया को रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं | जब इस रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदर्थो के संकेत एवं सूत्रों की सहायता से इसका निरूपण करना रासायनिक समीकरण कहलाता है | जैसे – 

                                                                                       

 10. संतुलित समीकरण किसे कहते हैं ? 

उत्तर – जब समीकरण में तीर ( → ) चिन्ह के बायीं ओर ( अभिकारक ) एवं दाई ओर ( प्रतिफल ) के प्रत्येक प्रकार के परमाणुओं की संख्या समान होती है तो वैसे समीकरण संतुलित समीकरण कहलाते हैं | 

11. कॉपर सल्फेट के विलियन में लोहे का टुकड़ा डाल देने पर विलियन का रंग क्यों बदल जाता है ? 

उत्तर – लोहे कॉपर की अपेक्षा अधिक क्रियाशील होता है | इस कारण कॉपर सल्फेट के विलयन में लोहा डालने पर लोहा कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित कर देता है | विलयन का नीला रंग समाप्त हो जाता है और फेरस सल्फेट बनने के कारण विलयन का रंग हल्का हरा हो जाता है | इसके अतिरिक्त लोहे की सतह पर हलके लाल – भूरे रंग के कॉपर की परत जमा हो जाती है|

 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

  1. रासायनिक समीकरण की क्या सीमाएँ हैं ? 

उत्तर – रासायनिक समीकरण की निम्न सीमाएँ हैं – 

  1. रासायनिक समीकरण से अभिकारकों और प्रतिफलों की भौतिक अवस्था की जानकारी नहीं हो पाती है |
  2. रासायनिक समीकरण से पता नहीं चलता है कि अभिक्रिया किन दशाओं में संभव है | 
  3. रासायनिक समीकरण अभिक्रिया के वेग के संदर्भ में कोई जानकारी नहीं देता है |
  4. अभिक्रिया के फलस्वरूप उत्सर्जित या अवशोषित ऊष्मा की जजनकारी रासायनिक समीकरण से नहीं हो पाती है अर्थात् समीकरण यह जानकारी नहीं देता है कि अभिक्रिया ऊष्मक्षेपी है या ऊष्माक्षेषी |     

 

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