व्यापार और भुमंडलिकरण – Bihar Board Class 10th Social Science Subjective Question-answer 2022

लघु उत्तरीय प्रश्न 

1. उपनिवेशवाद को स्पष्ट कीजिए | 

उत्तर – उपनिवेशवाद एक ऐसी राजनीतिक और आर्थिक प्रणाली है जिसमें उपनिवेशों का आर्थिक शोषण किया गया | 

2. विश्व बाजार से आप क्या समझते हैं ? इसका उदय और विकास कैसे हुआ ? अथवा, विश्व बाजार के स्वरूप को स्पष्ट करें | 

उत्तर – विश्व बाजार का अर्थ वैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार से है जहाँ विश्व के विभिन्न देशों के व्यापारी सामानों की खरीद-बिक्री करते हैं | आधुनिक यूरोप में भौगोलिक खोजों, पुनर्जागरण, राष्ट्रिय राज्यों के उदय एवं वनिज्यवाद की उत्पत्ति के बाद विश्व बाजार का तेजी से विकास हुआ | औद्योगिक क्रांति ने विश्व बाजार का विस्तार किया | विश्व बाजार का स्वरूप औद्योगिक क्रांति के बाद ही उभरा | 

3. औद्योगिक क्रांति ने वश्व बाजार के स्वरूप का विस्तार कैसे किया ? 

उत्तर – विश्व बाजार के स्वरूप को विकसित करने में औद्योगिक क्रांति की महत्त्वपूर्ण भूमिका थी | कारखानों के लिए कच्चा माल उपलब्ध करने तथा उत्पादित वस्तुओं के लिए बाजार उपलब्ध कराने का काम विश्व बाजार ने किया | इस प्रक्रिया में उपनिवेशवाद ने पहत्त्वपूर्ण योगदान किया | साथ ही, व्यापार, पूँजी के प्रवाह और श्रमिकों के पलायन ने भी विश्व बाजार के विस्तार में सहयोग दिया | 

4. विश्व बाजार के लाभ-हानि पर संक्षिप्त टिपण्णी लिखें | 

उत्तर – विश्व बाजार के लाभ –

  1. सभी वर्गों के हितों की सुरक्षा करता है | 
  2. व्यापार और उद्योग को तीव्र गति मिली | 
  3. बैंकिंग और बिमा व्यवस्था का उदय हुआ | 
  4. उपनिवेशों में औद्योगिकीकरण और आधुनिकीकरण हुआ, जैसे भारत में | 
  5. कृषि क्षेत्र में परिवर्तन आया | 
  6. शहरीकरण और जनसंख्या में वृद्धि हुई | 

हानियाँ – 

  1. एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद का युग आरंभ हुआ | 
  2. गरीबी, अकाल और भुखमरी बढ़ गई | 
  3. उग्र राष्ट्रवाद का विकास हुआ | 

5. भुमंडलिकरण में बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भूमिका का उल्लेख करें | 

उत्तर – बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है | भारत जैसे देशों में बेरोजगारी समाप्त करने तथा सरकारी नौकरियों पर दबाव कम करने में इनकी अग्रणी भूमिका है | इन कंपनियों द्वारा विश्व अर्थव्यवस्था का वैश्वीकरण हो गया है | 

 

 

Learn More Chapters                    Download PDF

Spread the love

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *